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अगर शरीर में à¤à¤• à¤à¥€ टà¥à¤¯à¥‚ब ठीक से काम कर रही हो तो सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ सफल गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर सकती है। अगर टà¥à¤¯à¥‚ब में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के संकà¥à¤°à¤®à¤£ की शंका रहे तो à¤à¤‚टिबायोटिकà¥à¤¸ देकर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी पà¥à¤²à¤¾à¤¨ करने से पहले ही संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज हो सकता है।
टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी कà¥à¤¯à¤¾ है –
कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ होता है कि पà¥à¤°à¥à¤· का शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ महिला के शरीर में à¤à¥à¤°à¥‚ण का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करने के लिठपूरी तरह से ऊपजाउ (fertile) नहीं होता है इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने के लिठà¤à¤• कृतà¥à¤°à¤¿à¤® विधि का सहारा लिया जाता है जिसे टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी कहते हैं।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में पà¥à¤°à¥à¤· का शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ महिला के अंडे के साथ निषेचित होने से लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप से मजबूत नहीं होता है। बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने के लिठशà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ का मजबूत होना जरूरी होता है लेकिन जब यह नहीं होता है तो दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में कई दंपति आजीवन बिना बचà¥à¤šà¥‡ के ही रह जाते हैं।
शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ कमजोर होने की हालत में बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® से वंचित रहने की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठवरà¥à¤· 1978 में बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने की टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी विधि की खोज की गई। यह विधि अब तक कायमाब रही है और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में इस विधि से लोग बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करते हैं।
टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ –
Test tube baby टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी तकनीक से बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने के लिठइन विटà¥à¤°à¥‹ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ (in vitro fertilization) का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है। आईवीà¤à¤« बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने की à¤à¤• कृतà¥à¤°à¤¿à¤® चिकितà¥à¤¸à¤¾ विधि है जो टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚व बेबी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाती है। इस पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ में पà¥à¤°à¥à¤· का शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ (male sperm) महिला के अंड में निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कराया जाता है। यह करीब à¤à¤• महीने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° जगहों पर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ को अंडे में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कराने का à¤à¤• ही तरीका अपनाया जाता है लेकिन कà¥à¤› कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤•ों में डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨-à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरीके à¤à¥€ अपनाते हैं।
हम आपको टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी (test tube baby process) के सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚डरà¥à¤¡ तरीके के बारे में बताà¤à¤‚गे। जब लोग बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं हो पाते हैं तो इस विधि को अपनाते हैं। इसके पीछे पà¥à¤°à¥à¤· ही सबसे बड़ा कारण होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¥à¤· का सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® इतना कमजोर होता है कि वह अंडे में पूरी तरह पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ ही नहीं कर पाता है।
टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी की विधि –
1.मासिक चकà¥à¤° को रोका जाता है –
टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी की विधि के पहले सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª में महिला को कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ देकर उसके मासिक धरà¥à¤® (periods) को रोका जाता है। इन दवाओं को करीब दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक दिया जाता है परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प मासिक धरà¥à¤® पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से रूक जाता है।। इन दवाओं को महिला के शरीर में इंजेकà¥à¤¶à¤¨ के माधà¥à¤¯à¤® से दिया जाता है।
2. अधिक अंडे उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करना –
इस विधि में अधिक अंडे का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ किया जाता है जिसे सà¥à¤ªà¤° ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन (Super Ovulation)कहा जाता है। टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी की विधि के इस सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª में महिला को अलग-अलग तरह की फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ दवाà¤à¤‚ दी जाती है। इन दवाओं में फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ सà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¥‚लेशन हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ (fertility stimulation hormone)या à¤à¤«à¤à¤¸à¤à¤š मौजूद होता है जो महिला के शरीर में अंडे को अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है। दवा लेने के बाद धीरे-धीरे महिला के शरीर में अंडों की संखà¥à¤¯à¤¾ बढ़ने लगती है। à¤à¤«à¤à¤¸à¤à¤š का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ देने के बाद अंडाशय में अंडे अधिक उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं। इसके बाद योनि का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करके अंदर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की जांच की जाती है।
3.अंडाशय से अंडे को निकालना –
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ अंडे बनने के बाद इन अंडे को उस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से निकाल लिया जाता है। à¤à¤• शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ विधि दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अंडो को निकाला जाता है जिसे फोलिकà¥à¤¯à¥‚लर à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤‚ट (Follicular Aspiration) कहा जाता है। टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी की विधि इस विधि में अंडे को योनि (vagina)के माधà¥à¤¯à¤® से अंडाशय से निकाल लिया जाता है। इसके लिठयोनि में à¤à¤• पतली सà¥à¤ˆ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करायी जाती है। यह सà¥à¤ˆ अंडाशय में योनि के माधà¥à¤¯à¤® से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ होती है और सकà¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (suction process) के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अंडों को बाहर खींच लाती है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि 15 अंडे टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ की सफलता के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥‡ होते हैं। इससे बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
4. अंडे और शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ को फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ कराना –
टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी की विधि के चौथे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª में महिला के अंडाशय (overy) से निकाले गठअंडे को पà¥à¤°à¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ के साथ रखा जाता है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को à¤à¤• नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ तापमान वाले ककà¥à¤· में किया जाता है। इस ककà¥à¤· में पà¥à¤°à¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ को अंडे के à¤à¤•दम समीप रखा जाता है। इसके बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› घंटों तक इंतजार करते हैं और पà¥à¤°à¥à¤· का शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ महिला के अंडे में अपने आप पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने लगता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° समय बचाने के लिठइंटà¥à¤°à¤¾-साइटोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¿à¤• (intra cytoplasmic)विधि का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करते हैं। इस विधि में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ अंडे में सीधे पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है लेकिन यह काफी महंगी विधि है। सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® और अंडे के मिलने के बाद à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹ बनना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
5. à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹ को टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफर करना –
टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी की विधि के पांचवे और अंतिम सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª में à¤à¥à¤°à¥‚ण (embryo) को सूई के माधà¥à¤¯à¤® से गरà¥à¤ में डाला जाता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में à¤à¤• से अधिक à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹ को गरà¥à¤ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कराया जाता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कराने से सफलता की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक बढ़ जाती है और बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पैदा होता है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पूरी करने के बाद à¤à¤• पतले टà¥à¤¯à¥‚ब को योनि के माधà¥à¤¯à¤® से कोख में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कराया जाता है। इस पतले टà¥à¤¯à¥‚ब में à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹ होता है जो गरà¥à¤ में डाल दिया जाता है। यह à¤à¤‚बà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹ महिला के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार से चिपक जाता है। इसके बाद गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय पूरा होने पर à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® होता है।
टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की सफलता –
-टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी विधि से बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने में यह विधि बहà¥à¤¤ कामयाब रही है। पैंतीस वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° की महिलाओं में टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी विधि दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आसानी से बचà¥à¤šà¤¾ पैदा किया जा सकता है।
38 से 40 साल की महिलाओं में इस विधि से बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ घटती जाती है।
रिसरà¥à¤š के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह महिला के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है कि टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी से बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने में उसका शरीर सकà¥à¤·à¤® है या नहीं।
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